लाखों लोगों की मौत का कारण है ये 2 बीमारियाँ, जानिए कैसे बच सकते है आप इस से

आज के समय में हर एक चीज में प्रदूषण फैला हुआ हैं और वह बाहर की दुनिया से होता हुआ हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता हैं चाहे वह खाने के माध्यम से हो या फिर सांस के माध्यम से | आज के समय में कई बीमारियाँ वायु में मौजूद अशुद्धियों की वजह से होती हैं क्योकि वायु में कई तरह के रसायन मिल गए हैं और इसके द्वारा होने वाली 2 सबसे खतरनाक बीमारी हैं दमा और सीओपीडी | लांसेट रिस्पीरेटरी मेडिसिन’ मैग्जीन ने दावा किया हैं भारत समेत अफ्रीकी देशों और नेपाल जैसे देशो में इन दो बिमारियों की वजह से लगभग 36 लाख लोगो की मौत हो चुकी हैं | यह दोनों बीमारियाँ श्वास से सम्बंधित हैं | तो आइये जानते हैं इनके लक्षण और कैसे इनसे बचे |

Photo Courtesy: DanburyHospital

सीओपीडी ( copd )

Copd यानी की क्रोनिक ओब्सट्रेक्टिव पल्मोनेरी डीजीस यानी की एक ऐसी बीमारी जो की जिसमे फेफड़ो से प्रवाह होने वाली हवा का आंशिक भाग रुकने लग जाता हैं और यह लम्बे समय तक चलता हैं जिससे कभी भी अचानक इंसान की मौत भी हो सकती हैं | यह आज के समय में बहुत बड़ी समस्या हैं जिससे कई सारे लोग प्रभावित हैं |

यह रोग कई कारणों से होता हैं जिनमे सबसे पहला कारण हैं धूम्रपान और दूसरा हैं आनुवंशिक | धूम्रपान करने से फेफड़ो में मौजूद लंग्स कमजोर हो जाते हैं और जिसकी वजह से यह बीमारी होने लगती हैं और इसके अलावा अगर किसी व्यस्क को यह बीमारी हो तो वह आनुवंशिक कारणों से होती हुई बच्चो तक पहुच जाती हैं |

आपको इस बीमारी का पता लगाने के लिए एक जांच करना पड़ेगा जिसका नाम हैं स्पिरोमेट्री जो की यह बताता हैं की किन वायु मार्गो में अवरोध हैं | इसके अलावा लम्बे समय तक खांसी और बलगम भी इसके लक्षण हैं | डॉक्टर्स का कहना हैं की यह बीमारी कभी खत्म नहीं होती लेकिन इलाज और सावधानी से आसानी से जीवन जिया जा सकता हैं |

दमा

अस्थमा या दमा एक ऐसी बीमारी हैं जिसकी वजह से सांस लेना मुश्किल हो जाता हैं और कई बार धूल और प्रदूषण की वजह से यह बीमारी इतनी बढ़ जाती हैं की इंसान की जान भी जा सकती हैं | ग्लोबल वर्डेन ऑफ़ डिजीज के रिपोर्ट के अनुसार स्विट्ज़रलैंड , लिसोथो और अफ्रीका समेत भारत में कई लाख लोगो की जान दमा की वजह जाती हैं | श्वास के रास्ते में कई तरह के इन्फेक्शन हो जाना या फिर श्वास नलिकाओं का संकुचित हो जाना जिसके कारण व्यक्ति को सांस लेने और सांस छोड़ने में भी बहुत दिक्कत होती हैं | आमतौर पे दमा का रोगी जब सांस लेता हैं तो दूसरो को लगता हैं की वह सीटी बजा रहा हैं |

लम्बे समय तक खांसी , धूम्रपान , क्रोध , तनाव , गलत खान पान और जुखाम जैसी समस्याओ के कारण दमा होता हैं |

दमा का इलाज हैं लेकिन पेशेंट को सांस की कुछ ना कुछ समस्या सदा बनी रहती है |